मेरे लिये तो मेरी मां ही कायनात है !!!

मां साथ है

तो साया ए कुदरत भी साथ है

मां के बगैर लगे

दिन भी रात है

मैं दुर जाऊ

तो मेरे सर पर

मां का हाथ है

मेरे लिये तो

मेरी मां ही कायनात है

दामन में मां के

अरमानो के फूल है

हम तो अपनी मां की कदमो

की धूल है

औलाद के सितम उन्हे

हंस कर कबूल है

बच्चो को बक्ष देना

मां के उसूल है

क्या करू मै सजदा खुदा का

मेरी मां को देख क

उसने भी अपना सर झुका लिया……

Yogesh Ojha

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