एक खत मा पापा के नाम …

यूं तो भीड़ बहुत है आस पास
पर मै अकेला रहना चाहता हुं...

कहने को तो बहुत है अपने…
पर कुछ दोस्तो के साथ दो कदम चलना चाहता हूं …

नही बनना मुझे बड़ा आदमी
पर हां
मै कुछ अलग करना चाहता हूं …

माना मै नही हूं किसी लायक
पर मां
मै एक अच्छा इंसान बनना   चाहता हूं …

नही चाहिये
ज़िंदगी से कुछ
बस खुदकी ज़िंदगी
बदलना चाहता हूं … …

पापा मै
आज़ाद होकर उड़ना चाहता हूं…
अपनी मंज़िल पाना चाहता हूं …

नही चाहता मै बसा बसाया घर और मेहंगी गाडियां
मै खुद अपनी दुनिया संजोना चाहता हूं …

क्या करून्गा दौलत का
जब आप ना रहोगे साथ …
मै पापा के साये मे जीना
और मां की गोद मे मरना चाहता हूं …………

image

Yogesh Ojha

19 year old student, Yogesh S/O Late Mr. Shambhudayal Ojha is now an International Author with mass readership over 185 countries.. Being a national winner in sketching and story writing,Currently he is conducting his research across 20 countries for his upcoming novels.. A number of sad, romantic and emotional songs along with 10000 poems are the part of his creations. Also he is a motivational speaker and counsellor .. According to him " If you wanna be alive even after your death.. Either write something or do something which could be written "

No comments:

Post a Comment

Thank-you for your Support :)))))

Follow @ Instagram