May their soul lives in Peace!!

This is my homage towards the city where I have been throughout my childhood...

मेने मेरे गाँव मैं शमशान देखा है
तड़पता हुआ हाथो मैं इंसान देखा है

कोई गली कोई जगह नहीं रही बाकी
मैंने रोता हुआ हर इंसान देखा है

कैसे मिटेगी ये कमिया जिनके अपने रहे नहीं
कई बच्चे ,बूढे बच गए पर उनके सपने रहे नहीं

मेने मेरी आखो से बेबस हर इंसान देखा है
हा मेने मेरे गाँव मैं शमशान देखा है

कोई नहीं बचा है अब जिसके मन मैं रोष नहीं
लेकिन मरा हे जो भी इसमे उसका भी कोई दोष नहीं

लेकिन पेटलावद के लोगो की सच्ची मानवता भी देखी
किसी के हाथ मैं दवाई किसी के हाथ मैं पानी और भी बहुत सामान देखा है

हा मैंने मेरे गांव मैं शमशान देखा है..
भावपूर्वक श्रधांजलि 🙏
May Their Soul Lives in Peace!!!

Yogesh Ojha

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