पहला इज़हार...

तेरी यादों में लिखे कुछ खत मुझसे बात किया करते हैं,
याद करता हूँ हमारी मुलाकात को तो एहसास प्यार का दिया करते हैं,
कहते हैं उन पलों की कहानी जब तेरी यादों में घंटो इंतज़ार किया करते थे..
लिखते थे खत हज़ारों इंतज़ार ए मुहब्बत में पर तुमको ना दिया करते थे ,
और धीरे धीरे वो वक़्त की धारा भी बह गयी,,
तुमसे विदाई का पल भी आ गया,
नम थी हमारी पलकें जुदाई के बादल भी छा गये,
बस सोचते रहे की कुछ पलों में तुम नज़रों से दूर हो जाओगे,
फिर दिल की धड़कन को अचानक क्या हो गया,
कुछ पल थम सी गयी हमारी सांस भी
जब उन्होने दिल पे हाथ रख दिया,
इज़हार जो मुहब्बत का हम ना कर पाये
सालों में.. वो प्यार का इज़हार उन्होने कर दिया,
बस देखते रहे उनको हम फिर गले से उनको लगा लिया,
करते हैं बेपनाह प्यार हम भी उन्हें, उनको ये जता दिया,
फिर वो मुस्कुराये एक पल
प्यार के वो खत हम से उन्होने मांग लिये,
हम भी कुछ पल रह गये स्तब्ध,
और वो ये कहके गले हम से लग गये,
कि आप के लिखे खतों की खुश्बू हमको पहले साल ही छू गयी,
बस करते रहे इसलिये इंतज़ार की इज़हार ए मोहबत आप कर दोगे,
पर दिल ने कहा अब ना सह पायेगा ये दूरी तुमसे,
ये दिल की आवाज़ सुनके प्यार का पहला इज़हार हम ही आपसे कर गये..

Yogesh Ojha

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