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Poem by our user Shubham Rajesh Jain... Valentine special story

वोह पेहली बार जब तुम मुझे दिखी ....
थी वोह कितनी प्यारी सुबह जो मुझे मिली ...
दूर भले ही खड़ी थी तुम मुझसे ....
पर दिल के सबसे करीब होने लगी थी तुम अब मुझसे .....

क्या  पता था कि यह साथ इतना गेहरा हो जायेगा ..
क्या पता था कि वोह मेरा सबसे खुशनुमा पल हो जायेगा ...

पेहले हम अंजान थे फ़िर दोस्त बने
दिलो के तार एक दूसरे से जुड़ने लगे
धीरे धीरे तुझसे प्यार हो गया
आँखो हि आँखो मे  धीरे धीरे तु मेरा ख्वाब हो गया

पेहले प्यार का  ईज़हार बहुत खास होता है
वोह पल बहुत यादगार होता है
रात थी वोह बहुत हि सुहानी
चाँद कि चाँदनी से भी खूबसूरत थी मेरी रानी

इज़हार किआ लेकिन डर सा गया था
अपनी सबसे अच्छी दोस्त कॊ खो दूँगा एसा लग रहा था

दिन गुजरे रातें गुजरी मेरा प्यार और परवान चढ़ते गया
मेरा तुझसे प्यार और गेहरा होते गया

बहूत इन्तेज़ार करा था तेरी एक हाँ के लिये
बहूत तड़पा था तेरे दिल मॆं बसने के लिये
जिस पल तूने हाँ करी वोह मेरा  सबसे खुशनुमा पल था
मेरी जिंदगी के बेहतरीन कल का आगाज था

जिंदगी बदल गयी मेरी किस्मत बदल गयी
तू जबसे आई है मेरी जिंदगी बेहतरीन हो गयी

हर सुख दुख मॆं तू मेरे साथ रही
है बहूत दुर लेकिन दिल के सबसे करीब रही
बोलते बोलते इतना बोल गया मॆं
लिखते लिखते इतना कूछ लिख गया मैं...

Yogesh Ojha

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